मेहनत, लगन, और सपने देखने का साहस हो, तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।

 एक गाँव में राहुल नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत होशियार और मेहनती था, लेकिन उसकी एक खासियत थी – उसे सपने देखने का बहुत शौक था। वह अक्सर गाँव के पेड़ के नीचे बैठकर आसमान की ओर देखता और बड़े-बड़े सपने देखता कि एक दिन वह कुछ महान करेगा।

राहुल के माता-पिता गरीब थे, और वे चाहते थे कि वह खेतों में उनकी मदद करे, लेकिन राहुल का मन पढ़ाई में लगता था। गाँव के लोग उसका मज़ाक उड़ाते और कहते, "अरे, इतना सोचने से क्या होगा? मेहनत करो, तभी पेट भरेगा।" लेकिन राहुल को अपने सपनों पर पूरा भरोसा था।

एक दिन, गाँव में एक बड़े शहर से एक शिक्षक आए। उन्होंने बच्चों को मुफ्त में पढ़ाने का प्रस्ताव रखा। राहुल ने इस अवसर को हाथों-हाथ लिया और हर दिन कड़ी मेहनत करने लगा। उसकी मेहनत और लगन देखकर शिक्षक बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने राहुल की मदद की और उसे शहर के बड़े स्कूल में दाखिला दिलवाया।

शहर में राहुल ने और भी ज़्यादा मेहनत की। उसे नयी-नयी चीज़ें सीखने का मौका मिला, और उसकी सोच और भी व्यापक हो गई। सालों बाद, राहुल एक सफल वैज्ञानिक बन गया। उसने कई नई खोजें कीं और दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया।

जब वह अपने गाँव लौटा, तो वही लोग, जो उसका मज़ाक उड़ाते थे, अब उसकी तारीफ करते नहीं थकते। राहुल ने गाँव के बच्चों के लिए एक स्कूल बनवाया, ताकि कोई और बच्चा भी सपने देखने से न डरे और अपने सपनों को हकीकत में बदल सके।


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